मैंने कभी सोचा न था कि मै कविता लिखूंगा,
पर क्या बताऊ उस मित्र को जिसने,
मुझे कविता लिखने के लिए प्रेरित किया...!!!
मैंने भी उसे गुरु का दर्जा दे दिया है,|...
अब तो हर कविता लिखने के पहले उसे याद करता हु|
फिर अपने कविता को एक नया आयाम देता हु |......
नीरज कुमार गुप्ता
२०-११-२००९
Friday, November 20, 2009
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