Friday, November 20, 2009

सोचा न था

मैंने कभी सोचा न था कि मै कविता लिखूंगा,

पर क्या बताऊ उस मित्र को जिसने,

मुझे कविता लिखने के लिए प्रेरित किया...!!!

मैंने भी उसे गुरु का दर्जा दे दिया है,|...

अब तो हर कविता लिखने के पहले उसे याद करता हु|

फिर अपने कविता को एक नया आयाम देता हु |......

नीरज कुमार गुप्ता
२०-११-२००९

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