Monday, August 28, 2017

परछाई

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ढलती शाम में,
आज बिजली कौंधी थी
मेरे घर के पास
तेरे परछाई को मैंने महसूस किया था !!

नीरज कुमार गुप्ता
  २७/०८/२०१७ 

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परछाई

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