* मुश्किलें *
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जब छोटा था,मुश्किलें भी बहुत थी
बस अर्थ न मालूम थे,मुश्किलें के !
उम्र के साथ मुश्किलें भी बढ़ती गयी,
कुछ साथ आती गयी,कुछ साथ छोड़ती गयी !
था जवानी का दौर,जकड़ा था मुश्किलो का दौर !
निपट लिया था,मैंने मुश्किलो को आसानी से,
बस निकल गया था ये दौर !
कुछ ने पाठ पढ़ाया,कुछ ने जीवन का दर्शन कराया !
साथ मेरा मुश्किलो का,
ठहर जाये तो अच्छा,न ठहरे तो और अच्छा !
मुसकुरा दिया मैंने,
मुश्किलो को देखकर,आधे लौट गए
कुछ बौनों की तरह !!
बस आदत सी हो गयी है,
तुझे देखकर मुस्कराने की !!
नीरज कुमार गुप्ता
१८-०६-२०१५
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जब छोटा था,मुश्किलें भी बहुत थी
बस अर्थ न मालूम थे,मुश्किलें के !
उम्र के साथ मुश्किलें भी बढ़ती गयी,
कुछ साथ आती गयी,कुछ साथ छोड़ती गयी !
था जवानी का दौर,जकड़ा था मुश्किलो का दौर !
निपट लिया था,मैंने मुश्किलो को आसानी से,
बस निकल गया था ये दौर !
कुछ ने पाठ पढ़ाया,कुछ ने जीवन का दर्शन कराया !
साथ मेरा मुश्किलो का,
ठहर जाये तो अच्छा,न ठहरे तो और अच्छा !
मुसकुरा दिया मैंने,
मुश्किलो को देखकर,आधे लौट गए
कुछ बौनों की तरह !!
बस आदत सी हो गयी है,
तुझे देखकर मुस्कराने की !!
नीरज कुमार गुप्ता
१८-०६-२०१५