Wednesday, July 26, 2017

'दाग'


----------------------------------------------------------------------------------


मिला था, एक फोटो !
था, दीवाना उसका !

पीली साड़ी में,
काले लम्बे बालों में,
शांत आँखों में,
ओठों पर छोटी सी,
मुस्कान में,

खड़ी थी 'वो' !
पास मेरे,
पड़े फोटो में  !

मिला था, एक फोटो,
था दीवाना उसका !

'दाग' हो चरित्र पर
तो,
मिटा कर भी नहीं मिटते !

पर कुछ 'दाग',
होते है अच्छे  !
छिप जाते है,
'उनके ' मुस्कराने पर  !

छोड़ जाते है,
कुछ सिलवटें, जाते-जाते,
जो गालो पर अच्छे लगते है  !!



                                                   नीरज कुमार गुप्ता
                                                      22/07/2017

परछाई

------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------- ढलती शाम में, आज बिजली ...