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मिला था, एक फोटो !
था, दीवाना उसका !
पीली साड़ी में,
काले लम्बे बालों में,
शांत आँखों में,
ओठों पर छोटी सी,
मुस्कान में,
खड़ी थी 'वो' !
पास मेरे,
पड़े फोटो में !
मिला था, एक फोटो,
था दीवाना उसका !
'दाग' हो चरित्र पर
तो,
मिटा कर भी नहीं मिटते !
पर कुछ 'दाग',
होते है अच्छे !
छिप जाते है,
'उनके ' मुस्कराने पर !
छोड़ जाते है,
कुछ सिलवटें, जाते-जाते,
जो गालो पर अच्छे लगते है !!
नीरज कुमार गुप्ता
22/07/2017
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