कोशिश
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कभी, लास्ट बेंच पर बैठकर
सपने देखा करता था !!
आज उसे पूरे करने का
कोशिश करता हु !!
कभी, भीड़-भाड़ में अपने आप को
खोजता था !!
आज भीड़ में अलग सा दिखने का
कोशिश करता हु !!
कभी,न जाने कितने अडचनों को
पार किया है हमने !!
आज उसका आनंद लेने की कोशिश करता हु !!
कभी, एकांत में बैठकर कुछ
सोचा करता था !!
आज उसे पन्नो पर उतारने की
कोशिश करता हु !!
नीरज कुमार गुप्ता
१४-१०-१२
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कभी, लास्ट बेंच पर बैठकर
सपने देखा करता था !!
आज उसे पूरे करने का
कोशिश करता हु !!
कभी, भीड़-भाड़ में अपने आप को
खोजता था !!
आज भीड़ में अलग सा दिखने का
कोशिश करता हु !!
कभी,न जाने कितने अडचनों को
पार किया है हमने !!
आज उसका आनंद लेने की कोशिश करता हु !!
कभी, एकांत में बैठकर कुछ
सोचा करता था !!
आज उसे पन्नो पर उतारने की
कोशिश करता हु !!
नीरज कुमार गुप्ता
१४-१०-१२