Friday, August 31, 2012

शाम

कब वह सुहानी शाम होगी !
बदलो से बरसात होगी !
ठंडी पवन पुरवैया बहेगी !
बिजली की चमक होगी  !


नदी के लहरों का शोर होगा !
हंसो का लौटता झुण्ड होगा !
मोरनी के झुमने की...
आवाज होगी !
कब वह सुहानी शाम होगी !
 बदलो से बरसात होगी !

कब 'वो' चार यार मिलेंगे !
बातों से भरी कहानी होगी !
जिनके हाथो में चाय की..
प्याली होगी !
थोड़ी देर की लिए आजादी होगी !
कब वह सुहानी शाम होगी !

बातो में मशहगुल रहेंगे !
फ़ोन साइलेंट मोड पर रहेंगे !
चाय के आर्डर आते रहेंगे !
अपनी यादे ताज़ा करते रहेंगे !


न जाने कब वह सुहानी...
शाम आयेगी !!
न जाने कब 'वो' चार यार मिलेंगे !!

                                      नीरज कुमार गुप्ता
                                           १४-०८-१२

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------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------- ढलती शाम में, आज बिजली ...