कब वह सुहानी शाम होगी !
बदलो से बरसात होगी !
ठंडी पवन पुरवैया बहेगी !
बिजली की चमक होगी !
नदी के लहरों का शोर होगा !
हंसो का लौटता झुण्ड होगा !
मोरनी के झुमने की...
आवाज होगी !
कब वह सुहानी शाम होगी !
बदलो से बरसात होगी !
कब 'वो' चार यार मिलेंगे !
बातों से भरी कहानी होगी !
जिनके हाथो में चाय की..
प्याली होगी !
थोड़ी देर की लिए आजादी होगी !
कब वह सुहानी शाम होगी !
बातो में मशहगुल रहेंगे !
फ़ोन साइलेंट मोड पर रहेंगे !
चाय के आर्डर आते रहेंगे !
अपनी यादे ताज़ा करते रहेंगे !
न जाने कब वह सुहानी...
शाम आयेगी !!
न जाने कब 'वो' चार यार मिलेंगे !!
नीरज कुमार गुप्ता
१४-०८-१२
बदलो से बरसात होगी !
ठंडी पवन पुरवैया बहेगी !
बिजली की चमक होगी !
नदी के लहरों का शोर होगा !
हंसो का लौटता झुण्ड होगा !
मोरनी के झुमने की...
आवाज होगी !
कब वह सुहानी शाम होगी !
बदलो से बरसात होगी !
कब 'वो' चार यार मिलेंगे !
बातों से भरी कहानी होगी !
जिनके हाथो में चाय की..
प्याली होगी !
थोड़ी देर की लिए आजादी होगी !
कब वह सुहानी शाम होगी !
बातो में मशहगुल रहेंगे !
फ़ोन साइलेंट मोड पर रहेंगे !
चाय के आर्डर आते रहेंगे !
अपनी यादे ताज़ा करते रहेंगे !
न जाने कब वह सुहानी...
शाम आयेगी !!
न जाने कब 'वो' चार यार मिलेंगे !!
नीरज कुमार गुप्ता
१४-०८-१२
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