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आज भी बुरी नज़रो से,
महफूज़ हु !
माँ तेरे 'उस' नैनो के काजल से !!
सामना करता हुँ,
परेशानियों का डट कर !
माँ तेरे 'उस' दूध के घुट से !!
थक के हारा नहीं,
आज भी !
माँ तेरे 'उस' आँचल के छाव से !!
धीरे- धीरे सही,
आगे बढ़ रहा हुँ !
माँ तेरे 'उस' चरणों के ,
आशीर्वाद से !!
नीरज कुमार गुप्ता
08-05-2016
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