Friday, April 13, 2012

मन की पीड़ा

मन की पीड़ा..!!
मेरे काले आंसुओ से..!
डायरी के पन्नो..
को रंग रही है..!!

डायरी के एक हल्के पन्ने ने...
मेरे मन को हल्का कर दिया...!!
मेरे मन की पीड़ा को अपना लिया..!!!

"मेरे डायरी के पन्नो से"
  नीरज कुमार गुप्ता
       १२-०३-१२

No comments:

परछाई

------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------- ढलती शाम में, आज बिजली ...