कभी फुर्शत मिले तो मुझसे से मिलने चले आना,.....!!!!
फिर भी फुर्शत न मिले तो मेरे अर्थी को कन्धा देने जरुर चले आना,.....!!!!!!!
नीरज कुमार गुप्ता
२०/११/०९
Friday, November 20, 2009
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परछाई
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