Saturday, November 21, 2009

ख्वाब

पता नहीं आज कल तेरे ख्वाब बहुत आते है,|
तुमने मेरे दिलो दिमाग में जगह बना ली है,|
अपने हर मोबाइल के घंटी में तुझे खोजता हु,|
जब कंप्यूटर ऑन करता हु तो डेस्कटॉप पर तुझे खोजता हु,|
पता नहीं क्यों अपने साइन की जगह तेरा नाम लिख देता हु, |
पता नहीं आज कल तेरे ख्वाब बहुत आते है,.......
हर नए काम के पहले तेरा नाम लेता हु, |
हर मेसेज में तुझे खोजता हु, चाहे वह कंपनी के ही क्यों न हो,|
एक्साम में अपने नाम की जगह तेरा नाम लिख कर चला आता हु,|
पता नहीं आज कल तेरे ख्वाब बहुत आते है,.........
नीरज कुमार गुप्ता
१७-११-०९

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