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मेरे नोटबुक के पन्ने कुछ दोस्तों
की तरह थे !
जिस पे नाम लिखा था,
कुछ पे अपना राज़ लिखा था !
'वो' बच गए !
बाकी समय के साथ कुछ
मुड़ गए,कुछ पलट गए,
कुछ में सिलवटे पड़ गए,
कुछ गायब हो गए !!
नीरज कुमार गुप्ता
२६-०१-१५
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मेरे नोटबुक के पन्ने कुछ दोस्तों
की तरह थे !
जिस पे नाम लिखा था,
कुछ पे अपना राज़ लिखा था !
'वो' बच गए !
बाकी समय के साथ कुछ
मुड़ गए,कुछ पलट गए,
कुछ में सिलवटे पड़ गए,
कुछ गायब हो गए !!
नीरज कुमार गुप्ता
२६-०१-१५
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