Sunday, August 4, 2013

जाते -जाते

जाते -जाते

मै ठहरा था उनके लिए !
लेकिन जाते-जाते आंशु दे गए !!

सोचा था प्यार की दो बाते करेंगे !
पर जाते जाते बेवफाई कर गए !!

जो सपने देखे थे हमने !
लेकिन जाते जाते सपनो के भवर में
छोड़ गए !!

चले तो साथ हम !
पर जाते जाते भूल्भूल्या में
छोड़ गए !!

खड़े रहे चुपचाप !
पर जाते जाते पुरानी
यादो को छोड़ गए !!

नीरज कुमार गुप्ता
२७-०६-२०१३

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