ग़म तो बचपन में भी हुआ करता था..!!
फर्क इतना था की उस वक़्त....!!
ढूध पीकर सो जाया करता था ....
और आज 'बीयेर' से कम चला लेते है...!!
कमीना तो उस वक़्त भी था....
फर्क इतना है की...!
उस वक़्त लोग...!
शरारत कह कर भूल जाया करते थे...!!
और आज वही 'नलायक' कह कर बुलाते है..!!
नीरज कुमार गुप्ता
०४-१२-११
फर्क इतना था की उस वक़्त....!!
ढूध पीकर सो जाया करता था ....
और आज 'बीयेर' से कम चला लेते है...!!
कमीना तो उस वक़्त भी था....
फर्क इतना है की...!
उस वक़्त लोग...!
शरारत कह कर भूल जाया करते थे...!!
और आज वही 'नलायक' कह कर बुलाते है..!!
नीरज कुमार गुप्ता
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