Friday, April 9, 2010

गम

बिछड़े हुये यादो को संजोये रखना,
गम को भुलाकर,
खुशी से जीने की चाह रखना|
हो सके मै,
आज नहीं तो कल,
तुम्हरे आशु पोछने आऊंगा|
बस तुम खुशी से,
जीने की चाह रखना|

नीरज कुमार गुप्ता
१०/०४/१०

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