Wednesday, November 10, 2010

चाँद

कभी चाँद से तुलना किया,कभी चांदनी रात से...कभी निशा से तो कभी अम्बर से,|
होगा सामना जब चाँद से, पूछ लेना उसके सूरत को....!!!
जब चाँद न बताये उस सूरत को....देख लेना चालन उठाकर उस चाँद को...!!!
शायद मै खड़ा हुगा..चांदनी रात लेकर....!!!
नीरज कुमार गुप्ता
२५-१०-१०

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